शहद का सेवन करने से पित्त तथा कफ प्रकृति वाले लोग सभी इसका सेवन कर सकते हैं। कई तरह की देशी विदेशी दवाएं ऐसी हैं जो शहद के योग से बनती हैं। जिन शिशुओं को किसी कारण यश प्रारंभ से…
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तिल (SESAME) लेटिन नाम – सिसेमम इन्डिकम (Sesamum indicum) तिल को लड्डु, गजक आदि के रूप में खाने से सभी लोग जानते हैं। तेल कितने प्रकार के होते है ? तिल तीन प्रकार के पाये जाते हैं— (1) काले तिल…
तम्बाकू छोड़ने का निश्चय एक बुहत ही सराहनीये कदम है।आइए जाने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जो की आपको तम्बाकू छोड़ने में मदद करेगा | तम्बाकू को छोड़ने के उपाय(Tambaku Chodne ke Upay):- आप अपने आस-पास रखी तम्बाकू वाली सभी चीजों को…
प्याज(Onion) और शरीर शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खनिजों व विटामिन की जरूरत बराबर होती है, जो कि प्याज में पाए जाते हैं। कुछ अनुसंधानकर्ताओं तथा विशेषज्ञों की खोजों से यह पता चला है कि प्याज में विटामिन ए,…
प्याज(Onion) यह बात शायद ही कोई जानता हो कि प्याज की 325 किस्में पाई जाती हैं। इन सभी में सिर्फ एक ही अलग किस्म की प्याज होती है जिसकी तेज व तीखी गंध होती है जो इसकी परतों के नीचे…
दूध विभिन्न पशुओं द्वारा दिया जाता है जिसे मनुष्य अपने उपयोग में लाता है। भिन्न-भिन्न पालतू पशुओं के दूध भी भिन्न-भिन्न गुण रखते हैं। रोगोपचार अथवा उनके उपयोग के लिए उनके गुणों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। गाय का…
टी बी(Tuberculosis) के कारण – एलोपैथिक डॉक्टरों के अनुसार तपेदिक एक विशेष प्रकार के रोगाणुओं की देन है। अत्यधिक मैथुन, अत्यधिक श्रम करने और अंधकारयुक्त धुएं जैसे वातावरण में लम्बे समय तक काम करते रहने अथवा भोजन की अनियमितता और…
मूत्रावरोध कारण व लक्षण पेशाब का रुक-रुक कर आना भी प्राय: वृद्धावस्था की ही बीमारी है। इस रोग का प्रमुख कारण या तो मूत्र मार्ग में आया कोई अवरोध या मांसपेशियों पर शरीर के नियंत्रण में कमी होना होता है।…
गुर्दे व मूत्र संबंधी रोग – मूत्र द्वारा हम शरीर के विषाक्त व हानिकारक पदार्थों व लवणों को शरीर से बाहर उत्सर्जित करते हैं। यह एक आवश्यक क्रिया है, जिसमें किसी भी प्रकार की बाधा अथवा रुकावट होने से पूरे…
गाजर गाजर एक ऐसी सब्जी है जो प्रायः सारे भारत में पैदा होती है। इसकी फसल दिसम्बर से अप्रैल तक होती है। यह गरीब और अमीर दोनों के लिए एक सुलभ खाद्य पदार्थ है। गाजर में अनेक औषधीय गुण पाए…
